Saturday, May 25, 2024
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चमत्कार

पानी में तैरना, हवा में उड़ना, चमत्कार कहलाता।

दुनिया के सामने कभी, विज्ञान का ग्यान न आता।-१

 

खुद होकर कुछ समझा नहीं, क्या है वह साकार?

इसका सुना और उसका सुना, माना चमत्कार।-२

 

जों है, वह सच देखा करो, अद्भुत कुछ तो होता नहीं।

भूल में रहना, भूल में बहना, सच्चे मन को भाता नहीं।-३

 

ज्यो समझना वह नहीं समझे, जों नहीं है वह समझ बैठे।

अंधविश्वास में कातिल को ही तारनहार हम, मान बैठे। -४

 

चमत्कार जों भी होगा, उसकी असलियत कुछ ओर है।

जों भी होता भौतिक में जों, उसका कही तो छोर है। -५

 

शातिर, होशियार चोरों की, चमत्कार एक चाल है।

खुली आँख से दुनिया देखो, कोई कुछ न कमाल है। -६

भावार्थ

१-जहाज पानी में तैरता है और हवाई जहाज पानी में उड़ता है यह सब चमत्कार कहलाते थे, विज्ञान अगर खुलके इसपर बात अगर नहीं रखता तो लोग इसकी पुजा करते थे। विज्ञान ने खुलकर बात रखी इसी तरह जिंदगी के बारे में भी खुलकर बात रखना चाहिए। घटना को चमत्कार कभी नहीं बोलना चाहिए। घटना को चमत्कार बोलकर अपने आपको भ्रम में रखनेवाले बहुत लोग है।

२-खुद होकर देखा नहीं, जाना नहीं और कभी क्या है वह समझा नहीं और मानने लग गए चमत्कार। दुसरों के अनुभवों को बिना जाने समझे सहीं कैसा मान सकते है। चमत्कारों की कहानियां बनाकर दुनिया में ठगनेवाले बहुत मिल जाते है।

३-खुली आँखों से जों है वह सच देखा करों, अपनी आखो का जों अनुभव हुवा उसमे यकीन किया करो, अद्भुत यैसा कुछ होता नहीं है और जों अद्भुत होता है वह भ्रम होता है। भरम में रहना लोगों को मजा देता है इसीलिए भरम का कारोबार बहुत बढ़ा और चला है।

४-अंधविश्वास में जों समझना है वह इन्सान समझता नहीं है और जों नहीं समझना उसे दिमाख में लेकर बैठ जाता है। बहुत बार श्रद्धा और विश्वास ही इन्सान को चमत्कार दिखा देता है जों गलत भी है और भरम भी है।

५-असलियत पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए, चमत्कार होता ही नहीं है। असलियत कुछ ओर ही होती है। कारण और वजह समझकर आगे बढ़ना चाहिए। ज्यो कुछ भौतिक में होता है उसका कहीं न कहीं छोर तो अवश्य है।

६-चमत्कार एक सोची समझी चाल है, वह होती है यह भरम करवाकर शातिर लोग मीठे लड्डू खाते है। जों चमत्कार को सही मान बैठता है वह अपनी भरम की गोली खाकर जीवन भी भरम में बिताता है।

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Wechansing Suliya
Wechansing Suliyahttps://jiwandarshan.com
I am Professor of HR and OB. I am Author, Poet and Singer. I organize workshop on personality development and entrepreneurial development for General public and in education institutions.
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