Saturday, May 25, 2024
spot_img
Homeकविताएँसच्चा ध्यान

सच्चा ध्यान

आखें मुंदकर जों बैठे है, कर रहे है ध्यान।

आखे खोलकर ध्यान करो तो मिलेगा सन्मान। -१

नाकर्ति में गुम हो कर, बैठे है चुपचाप।

ध्यान कैसे किया जाता, इसका नहीं है नाप। -२

दिमाख जब सजग रहे, काम तो होता रहे।

कर्म में आनंद दे जों, ध्यान इसको ही कहे। -३

बात से बिगड़ती बात, बात से ही बनती है।

ध्यान से, सब है संभव, प्रकृति जों जनती है। -४

कर्म की राहों में चलते, ध्यान में रहना चाहिए।

परिणाम गर सही चाहो तो, नहीं भटकना चाहिए।-५

मन तो अपना बोझ लेकर युहीं भटकता रहे।

लक्ष्य एक और कर्म एक, ध्यान की गंगा बहे।-६

ध्यान अगर सत्य हो तब, कोई भटकता नहीं।

कर्म के परिणाम से, कोई रोक सकता नहीं। -७

भावार्थ

१-आखें मुंदकर मन को एकाग्र करने की कोशिश तो होती है ओर मन को एकाग्र करने के लिए वह ठीक भी है पर वह ध्यान नहीं है, ध्यान वह होता है जों खुली आखों से किया जाता है। आँखे मुंदकर तो इन्सान सोता भी है तो क्या उसे ध्यान कह सकते है? ध्यान तो वह होता है जों खुली आँखों से किया जाता है और जिसमें काम सही सही दिशा में होता है।

२-कुछ नहीं करना है, सिर्फ चुपचाप बैठने में कोई असली ध्यान नहीं होता, असली ध्यान तो जिंदगी को सजग करके जीना होता है। ध्यान तो आखे खुली रखकर संसार की भट्टी में तप कर किया जाता है जिसमे सच्चे बोध की प्राप्ति होती है।

३-अपना काम दिमाख सजग रहनेपर होता ही है और जों काम हमको आंतरिक आनंद दे वही सच्चा ध्यान कहलाता है।

४-बात ही सबकुछ है वह बिघाड भी सकती है और सुधार भी सकती है। बात ही ऐसी चीज है जों ध्यान से करे तो बात एकदम ख़ास बनती है, यह प्रकृति का नियम है, प्रकृति सच्चाई की ही जननी है।

५-काम कोई भी हो पर ध्यान में रहना जरुरी है, कर्मफल ध्यान न रहने पर हाथ से छुट सकता है।

६-मन संसार का बोझ लेकर भटकता है पर बुद्धी जगह पर होनी चाहिए पर लक्ष्य और कर्म एक रहेगा तो ध्यान भी सही सही दिशा में पवित्र गंगा की तरह बहता जाएगा।

७-सच्चा ध्यान करने से हमारा भटकना कम हो जाता है, सत्य का ध्यान करने से कर्मफल अच्छा मिलता है, उसे कोई रोक नहीं सकता।

Wechansing Suliya
Wechansing Suliyahttps://jiwandarshan.com
I am Professor of HR and OB. I am Author, Poet and Singer. I organize workshop on personality development and entrepreneurial development for General public and in education institutions.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!