Saturday, May 25, 2024
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तनाव को कैसे दूर रखे ?

तनाव कुछ प्राकृतिक बिमारी नहीं है फिर में जगत में सबसे ज्यादा लोग इसी तनाव से परेशान है। तनाव एक मन की बिमारी है, इसे मन से ही मिटाना होगा। कहते है “खाली मन शैतान का घर होता है”, हो सकता है पर खाली मन उसी का रहता है, ज्यो मन में कुछ भरना नहीं चाहता नया सीखना नहीं चाहता। खाली मन रखेंगे तो विचार आएंगे और यहीं विचारों को सही से नहीं संभाला तो सारा काम बिघाड के जायेंगे। कभी-कभी हमारा मुड़ बैठे-बैठे ख़राब हो जाता है, ये खाली मन का ही लक्षण है। इन्सान कभी-कभी तो पुरानी जख्मों को नमक डाल-डालकर भी ख़ुद को दर्द देते रहता है। स्वानुभव के हिसाब से तनाव दूर करने के कुछ मुख्य उपाय निचे दिए हुए है।

१- कोई अगर जानबूझकर तनाव दे तो उसे बच्चा समझकर आगे बढ़े – इस दुनिया में तरह-तरह के लोग है। कोई अपने ही धुन में मगन है तो कोई दूसरों की धुन में। कोई कोई शोक में मगन है तो कोई नशा में। कोई अपने काम में भी मगन है तो कोई दुनिया को डुबाने में। कोई खुद की करने में मगन है तो कोई बुराई में। सबके अपने-अपने काम है। पर ज्यो जानबूझकर तकलीफ दे उसे बच्चा समझ ले। तनाव कभी डरने से दूर नहीं भागता, उसे डराना जरुरी है। तनाव को जितना ज्यादा समझे उतना वह दूर भाग जाएगा।

२- कुछ नई बात सीखे – तनाव को दूर रखने का सबसे अच्छा तरीका है, नई बात सीखना। नई बात सिखने से जिंदगी में अवसर बढ़ जाते है, जिंदगी सुखमय हो जाती है। जिंदगी में नया कुछ सिखने से रोजगार का अवसर बढ़ता है। अपने हाथ कौशल-युक्त हो जाते है। नया सिखने से दिमाख तो तरोताजा रहता ही है, मन का भटकाव भी रुक जाता है इसलिए कुछ नया सीखकर भी तनाव को दूर रखा जा सकता है।

३- मन में आनेवाले सब विचारों को मन पर न ले – विचार तो आते है, जाते है। विचारों को आने दे और जाने दे। ज्यो विचार काम के नहीं है उनको बिलकुल मनपर न ले। बुरे विचारों को पालने, सहलाने और मन पर बिठाने के बाद तनाव हम पर राज करता है। विचारों को सहज टालना सिख जाएँ, तनाव भी उन्ही के साथ चला जाएगा। कोई भी भूतकाल की बात को मन में लाकर उसपर मंथन न करे। ज्यो बात सच में फालतू है, ऐसी बात को तो कभी भी मन में नहीं लाएँ।

४- बच्चे मन के सच्चे है, तनाव में सबसे अच्छे है – तनाव फिर भी हावी होता है तो बच्चों के साथ समय बिताएं, उनके साथ खेले। बच्चे पहले ही तनाव-मुक्त होते है, उनकी संगत से हम भी तनावमुक्त हो जायेंगे। बच्चों का मन बिलकुल साफ़ और हल्का होता है, उनके अस्तित्व में हम भी घुल-मिल जाते है और तनाव को भूल ही जाते है। 

५- किसी के प्रभाव में या अभाव में न जिए – सबसे ज्यादा तनाव का कारण किसी के होने से या फिर किसी के न होने से आता है। किसी के बुरे प्रभाव में जीना तो गुलामी है और किसी के अभाव में जीना कमजोरी है। प्रभाव अच्छा हो और अभाव कभी न रखे, तनाव अपने आप दूर भाग जाएगा। 

– वेचानसिंग सुलिया (मुख्य मार्गदर्शक -जीवनदर्शन)

Wechansing Suliya
Wechansing Suliyahttps://jiwandarshan.com
I am Professor of HR and OB. I am Author, Poet and Singer. I organize workshop on personality development and entrepreneurial development for General public and in education institutions.
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