Saturday, May 25, 2024
spot_img
Homeजीवन मंत्रजीवन की कुछ मुख्य नितीयाँ-ज्यो बहुत काम आती है।

जीवन की कुछ मुख्य नितीयाँ-ज्यो बहुत काम आती है।

मनुष्य का जीवन सिर्फ शरीर के साथ नहीं चलता, वह चलता है; बहुत सारे नियोजनों के साथ। मनुष्य का जीवन सोचे तो बहुत सामान्य सा भी हो सकता है, जिसे ‘प्रकृति के साथ जीना’ भी कहाँ जा सकता है पर बाकी प्राणियों जैसे प्रकृति के साथ जीना मनुष्य के लिए कठिन है। जब बुद्धि, मन, आन्तर-प्रेरणा, आत्मशक्ति और बाकी शक्तियों की बात जब निकलती है तब; मनुष्य के जीवन के लिए नितियाँ ही काम कर सकती है। निचे दी हुई कुछ नीतियाँ जीवन में बहुत काम आनेवाली है।

नमन: यह एक प्रणाम की निति है। नमन में हमारी पहचान करवाना और सामने वालों पर सही प्रभाव डालना सामिल है। इसके भीतर कूटनीति भी हो सकती है पर नमन वास्तव में किसी के स्वागत का और स्वागत स्वीकार करने का एक साधन है। किसी की आत्मशक्ति का मानना भी नमन है, किसी का आत्मसन्मान करना भी नमन ही है। नमन एक ऐसी निति है ज्यो आत्मसन्मान को जगह देती है। सही नमन और सटीक स्वागत करके जीवन में नए रिश्तें की शुरुवात कर सकते है।

गमन : दुनियाँ की अगर जानकारी चाहिएँ हो तो घुमना(गमन) बहुत जरुरी है। घुमना एक सरल शब्द है, प्रवास एक इसमें मुख्य शब्द है। मनुष्य की निरिक्षण-शक्ति बहुत अच्छी होती है, वह प्रवास में दुनिया को निहार सकता है। प्रवास एक ज्ञान-प्राप्ति का साधन भी है।इससे हमें बहुत सारी जानकारीयाँ पता लगती है। गमन से जीवन में अनुभव का संग्रह होता है और यहीं संग्रह आगे चलकर जीवन जीने का मुख्य मार्गदर्शक बन जाता है।

मिलन: नमन और गमन के बात मिलन की बात आती है। मिलन मतलब एक संपर्क स्थापित करना होता है। यह मिलन इन्सान से भी हो सकता है और प्रकृति से भी होता है। इन्सान और प्रकृति से मिलन करके ज्ञान और रिश्तों के नयें द्वार खुलते है। मिलन किसी भी प्रक्रियां से हो सकता है, जैसे बहते पानी से मिलन करके इन्सान का तनाव कम होता है। नीला अम्बर देखकर किसी का मन विशालता पा सकता है। मिलन रिश्तों की डोर बनाता है और भविष्य में मदत लेने और देने का नियोजन करवाता है। मिलन में कुछ छुपी शक्तियां होती है, जहाँ रिश्तें मजबूत होकर ध्येय की ओर बढ़ते है। 

अंकन: किसी बात को डायरी, काफी या दिमाख में बसाने की प्रकिया अंकन कहलाती है। अंकन के बाद संशोधन भी हो सकता है। नमन, गमन और मिलन की प्रक्रियाओं में अंकन कर सकते है। अंकन परिस्थिति और बात पर निर्भर करता है, यह कभी सकारत्मक होता है तो कभी नकारात्मक भी हो सकता है। अंकन से किताबों और ग्रंथों की रचना होती है, यह ज्ञान की डोर को जोड़कर रखता है। अंकन प्रक्रिया ज्ञान-विकास मुख्य प्रक्रिया है। 

दमन: दमन मतलब तकलीफ देना। तकलीफ कभी-कभी अच्छे के लिए भी होती है पर अच्छे के लिए दी गई तकलीफ इसमें सामिल नहीं है। अपने काम को निकालने के लिय किसी चीज या व्यक्ति पर अति-प्रभाव डालने की प्रक्रिया हो दमन है। दमन बहुत बार नकारात्मक ही होता है। दमन से व्यक्ति डर जाता है और वह दमन करने  वालों को आगे जाने का रास्ता दे सकता। दमन निति राजनीति में ज्यादा इस्तेमाल होती है। 

  • वेचानसिंग सुलिया (मुख्य मार्गदर्शक- ‘जीवनदर्शन’)
Wechansing Suliya
Wechansing Suliyahttps://jiwandarshan.com
I am Professor of HR and OB. I am Author, Poet and Singer. I organize workshop on personality development and entrepreneurial development for General public and in education institutions.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!